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सौंदर्य सत्य है

nirajnabham
2 अक्टू॰ 2023
1 मिनट पठन

सौंदर्य अब भी सत्य है प्रिये!

अहम तो मिट जाता है

हर जन्म के साथ

पर क्या करूँ

इस अनश्वर अस्तित्व का

देखता रहता है सपने

चाहता है कि खिलें फूल

खिलें किसी कब्र पर

या कि श्मशान में

कहीं तो खिलें , क्योंकि-

सौंदर्य अब भी सत्य है प्रिये!

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