top of page

बात ईमान की

nirajnabham
29 जुल॰ 2024
1 मिनट पठन

पैबंद पैरहन में और ख्वाहिशें दिल ए नादान की

दिल है मुफ़लिस और ख्वाब गुल ए गुलिस्तान की

 

जब भी चाहा कि सुनाऊँ उनको हाल ए दिल

कहने लगे कि क्या ले बैठे तुम दुनिया जहान की

 

हँसते हँसते जो आ जाते हैं यूँ ही आँख में आँसू

मर्ज ए मुफ़लिसी है जो सुने दिल ए नादान  की

 

वो उड़ा रहा था हँसी मेरी चाहतों का खुले आम

बहुत बुरा लगा उसको जो हुई बात ईमान की

 

परेशाँ मैं भी था परेशाँ वो भी थे पर कायदे जुदा-जुदा

हाल ए दिल की मार इधर थी उधर दुनिया जहान की

 

दिल चाहता है कि कर लूँ यकीन उसकी बातों का

लेकिन रहता है वो सोहबत में दिल ए नादान की

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें
मेरे जैसा लगता है

वह शख्स वहीं था जो सच में मेरे जैसा लगता है क्या है उसकी बातों में क्यों अनजाना वो लगता है ढूँढता है जो एक कोना अँधेरे का दिन में उसे...

 
 
 
कर लिया सख्त इरादा अपना

जुबां पर सख्त है पहरा तो कर लिया सख्त इरादा अपना उठाया गया जो महफिल से हो गया मुकाबिल-ए-हुस्न आशिकी अपना लिया हाथ में पैमाना तो दिल...

 
 
 
मुस्कराने का दिल नहीं करता

मरते हैं पर उससे मिलने को दिल नहीं करता अंजाम-ए-आशिकी जानने को दिल नहीं करता मुखातिब तो है मेरी जानिब वो जाने कब से इज़हार-ए- मुहब्बत का...

 
 
 

टिप्पणियां


9760232738

  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn

©2021 by Bhootoowach. Proudly created with Wix.com

bottom of page